सोमवार, 18 फ़रवरी 2019

छत्रपति शिवाजी महाराज और उनका अंकशास्त्रीय विश्लेषण


© महावीर सांगलीकर
Numerologist, Graphologist
91 8149 703595


छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 दिन महाराष्ट्र के पुणे जिले के शिवनेरी किले पर हुआ था. अंकशास्त्र के अनुसार यह तारीख अनूठी (युनिक) प्रकार की है. 

19.02.1630 इस तारीख के अनुसार उनका मूलांक 1 आता है और भाग्यांक 4 आता है. 
मूलांक: 19 = 1+9 = 10 = 1+0 =1 
भाग्यांक: 19.02.1630 = (1+9) + (0+2) +  (1+6+3 +0) = (10 +2 +10) = 22 = 2+2 =4
इसे हम इस प्रकार भी लिख सकते हैं:  1+9+0+2+1+6+3+0 = 22 = 2+2 =4

1 और 4 का यह मेल अच्छा होता है, जो संबंधित व्यक्ति को बडी सफलता देता है. 


लेकिन 19.02.1630 इस तारीख की विशेषता केवल 1 और 4 यह मेल नहीं है. इस तारीख में और कई विशेषताएं हैं. 

पहली विशेषता यह है कि 19 तारीख संबंधित व्यक्ति को 1 और 9 इन दोनों अंकों के गुण देती है. 1 और 9 यह दोनों अंक संबंधित व्यक्ति को एक सफल योद्धा और लड़ाकू बनाते हैं. दुनिया के कई योद्धाओं के कोअर नंबर्स  में आपको 1 या 9 यह अंक दिखाई देगा. (जैसे कि मूलांक 1 या 9, या फिर भाग्यांक 1 या 9, या फिर सीधे 19 तारीख). छत्रपति शिवाजी महाराज का मूलांक 1 तो है ही, लेकिन उसमें भी उनका जन्म दिन 19 होना एक बडी बात है, क्यों कि यह तारीख उनको कुछ जादा ही महान योद्धा बना देती है. 

यहां मैं आपको कुछ दुसरे महान लड़ाकू व्यक्तियों के नाम बताना चाहूंगा, जिनका जन्म 19 तारीख पर हुआ था. वह है रानी लक्ष्मीबाई, मंगल पांडे और इंदिरा गांधी. 

19.02.1630 इस तारीख की दूसरी विशेषता यह है कि इसके अंकों का योग 22 आता है. 22 यह एक मास्टर नंबर है. इस मास्टर नंबर की विशेषता यह है कि यह नंबर संबधित व्यक्ति को नई  उंचाइयों तक ले जाता है, चाहे वह पूरी तारीख का योग हो या केवल जन्मदिन हो. इसके उदाहरण है फिल्ड मार्शल मानेकशा (पूरी तारीख का योग 22) और जॉर्ज वाशिंग्टन (जन्मदिन 22).

छत्रपति शिवाजी महाराज के मामले में उनके कोअर नंबर्स में 19 और 22 यह दोनो नंबर्स आये है. यह एक अनूठी बात है, क्यों कि किसी के चार्ट में कोअर नंबर्स में इन दोनों अंकों का होना एक असामान्य और विरला, दुर्लभ बात है.

19.02.1630 इस तारीख की तीसरी विशेषता यह है कि 1630 इस जन्मसाल के अंकों का जोड 10 आता है, और 10 =1+0=1, सो महाराज का वर्षांक 1 है. यहां हम देखते हैं कि महाराज का मूलांक 1 है और वर्षांक भी 1 है. वर्षांक अगर मूलांक के जितना ही हो, तो उस अंक के गुण बड़े पैमाने पर बढ जाते है.  (मूलांक 1 के गुणदोष जानने के लिए मूलांक 1 (जन्मतारीख 1, 10, 19, 28) के गुण और दोष यह लेख पढें).

अब हम छत्रपति शिवाजी महाराज के नामांक के बारे में जानेंगे.

उनके SHIVAJI इस नाम की अंकों में कीमत 33 है.
S H I V A J I
1 8  9  4  1  1 9 (इन अंकों को जोडने पर हमें 33 यह अंक मिलता है).
33 एक मास्टर नंबर है. 33 यह अंक आपको उत्साह, आनंद और मित्रता से भरपूर बनाता है.

इसी प्रकार SHIVAJI SHAHAJI BHOSALE इस नाम की अंकों में कीमत 88 है. 88 यह भी एक मास्टर नंबर है. इस नंबर का संबंध सत्ता, सम्पन्नता और अध्यात्म से है. (छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक राजा नहीं ते, बल्कि एक आध्यात्मिक व्यक्ति भी थे). 

(नामांक पाने के लिए मैं हमेशा पायथागोरियन पद्धति का उपयोग करता हूं, क्यों कि यह पद्धति तर्कशुद्ध और वैज्ञानिक है).

इस प्रकार हम देखते है कि छत्रपति शिवाजी महाराज के चार्ट में कुल 3 मास्टर नंबर्स है.

कुल मिलाकर छत्रपति शिवाजी महाराज का अंकशास्त्रीय चार्ट आश्चर्यकारक, उनकी महानता को दिखाने वाला और अध्ययन करने के योग्य है.

इस लेख के अंत में मैं आपको आश्चर्य की तीन बातें बताना चाहूंगा. 

1. छत्रपति शिवाजी महाराज के दुसरे बेटे राजाराम (जो आगे चलकर एक महान राजा बने) का जन्म 24 फरवरी 1670  के दिन हुआ था. 24.02.1670 इस तारीख के अंको को जोड़ने पर हम 22 यह अंक पाते है!

2. छत्रपति शिवाजी महाराज की मृत्यू 3 अप्रैल 1680 के दिन हो गयी. 03.04.1680 इस तारीख के अंको को जोड़ने पर हम 22 यह अंक पाते है!

3. वैसे तो छत्रपति शिवाजी महाराज का कार्यक्षेत्र आगरा (उत्तर प्रदेश) से लेकर तंजावर (तमिल नाडु) तक था, लेकिन उनका जन्म महाराष्ट्र में हुआ था, उनकी राजधानी महाराष्ट्र में थी और उनका मुख्य कार्यक्षेत्र भी महाराष्ट्र था. आधुनिक महाराष्ट्र राज्य की स्थापना 1 मई 1960 के दिन हो गयी. 01.05.1960 इस तारीख के अंको को जोड़ने पर हम 22 यह अंक पाते है!

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