Thursday, September 8, 2016

इस महिने की विशेषता

-महावीर सांगलीकर 
न्यूमरॉलॉजिस्ट, पुणे  
08149703595

इस महिने (सितम्बर 2016)  किसी भी दिन जन्म लेनेवाले हर बालक का जो जन्मांक (मूलांक) होगा, वही उसका भाग्यांक होगा. जैसे कि 1 तारीख पर जन्म लेने वाले बालक जन्मांक 1 होगा, और भाग्यांक भी 1 होगा. इसी प्रकार 15 तारीख पर जन्म लेनेवाले बालक का जन्मांक 1+5=6 होगा और भाग्यांक भी 6 होगा. यह बात इस महिने की हर तारीख पर लागू होती है.

ऐसा क्यों?
भाग्यांक पाने के लिए दिन, महिने और वर्ष के सभी अंको को मिलाया जाता है. यह सितंबर महिना है जिसका अंक 9 है और 2016 इस वर्ष का अंक भी 9 है. (2016= 2+0+1+6=9). इस 9 अंक की विशेषता यह है कि इसे किसी भी अंक में मिलाने पर उस आनेवाले योग की अंकशास्त्रीय कीमत वही रहती है. जैसे 7+9=16=1+6=7, 8+9=17=1+7=8.

अब भाग्यांक पाने के लिए इस महिने की किसी भी तारीख में 9 (महिने का अंक) + 9 (वर्षांक) मिलाने पर उसकी कीमत उस मूल अंक जितनी ही रहेगी.
भाग्यांक और जन्मांक समान होने के कारण उस व्यक्ति में उस अंक की विशेषतायें (गुणदोष) बड़े पैमाने पर विकसित होंगे.



Saturday, June 20, 2015

अंकशास्त्र की उपयोगिता

© महावीर सांगलीकर 
09145318228, 08149703595

अंकशास्त्र की सहायता से हम व्यक्ति के गुण और दोषों का आकलन कर सकते हैं. उसके अनुसार उस व्यक्ति का मार्गदर्शन किया जा सकता है. हम जान सकते हैं कि उस व्यक्ति के लिये कौन सी शिक्षा, कौन से रोजगार, कौन सा व्यवसाय लाभदायक हो सकता है और किन क्षेत्रों में वह व्यक्ति जादा प्रगति कर सकता है.

किसी भी व्यक्ती के उपर केवल उसीके अंको का असर नही होता, बल्की उसके सानिध्य में दीर्घ काल तक रहनेवाले व्यक्तियों के अंको का भी गहरा प्रभाव पड सकता है. इसी कारण व्यावसायिक भागीदार का चयन करते समय भी अंकशास्त्र का उपयोग किया जाता है. वधू या वर का चयन करते समय भी अंकशास्त्र उपयोगी सिद्ध होता है.

अंकशास्त्र की सहायता से हम बता सकते हैं कि कौनसा साल, कौनसे महिने और कौन से दिन संबंधित व्यक्ति के लिये लाभदायक हो सकते हैं.

कुछ लोग अंकशास्त्र का संबध ज्योतिषशास्त्र से जोडते है, जो सही नही है. अंकशास्त्र का संबंध ग्रहगोलो से न होकर अंको से है. अंकशास्त्र और ज्योतिषशास्त्र दो अलग अलग शास्त्र है. ज्योतिषशास्त्र में व्यक्ति के जन्म का  सही समय और स्थान इन दो बातों की जानकारी का होना एक अति आवश्यक बात है. अंकशास्त्र में केवल व्यक्ति का जन्म दिन और नाम इनin दो बातों का विचार किया जाता है.  अगर किसी व्यक्ति का सही जन्मदिन मालूम न हो, तो उस व्यक्ति के स्कूल में दर्ज जन्मदिन का भी कुछ हद तक विचार किया जा सकता है.

विख्यात ज्योतिषी किरो ने कहा था कि ज्योतिषशास्त्र और हस्तसामुद्रिक से अंकशास्त्र अधिक उपयोगी साबित होता है. 

Friday, April 3, 2015

आपके जन्मदिन में छुपा हुआ है आपके व्यक्तित्व का राज



© महावीर सांगलीकर 
09145318228, 08149703595

हर एक व्यक्ति का जन्म दिवस उस व्यक्ति पर अपना प्रभाव डालता है. किसी व्यक्ति के जन्म दिवस के आधार पर उस व्यक्ति के गुण और दोष, स्वभाव आदि जाने जा सकते हैं. अंकों की सहायता से ऐसी बातें जानने की कला को अंकशास्त्र या अंकविज्ञान के नाम से जाना जाता है.  

इस अंकशास्त्र या अंकविज्ञान का इतिहास काम से काम पाच हजार साल पुराना है. प्राचीन काल में यहुदी लोग अंकशास्त्र का प्रयोग करते थे. प्राचीन भारत और चीन मे भी अंकशास्त्र का प्रचलन था. कई प्राचीन वैदिक और जैन ग्रंथो में अंकशास्त्र की चर्चा की गई है. बाद में इसका प्रयोग युरोप में भी होने लगा. ग्रीस के विख्यात गणिती और दार्शनिक पायथ्यागोरस को युरोपीय अंकशास्त्र का जनक माना जाता है.

क्या है यह अंकशास्त्र?
हर व्यक्ति का जन्म दिवस एक विशिष्ट अंक होता है. अंकशास्त्र मानता है कि हर अंक के अपने विशिष्ट गुण और दोष होते हैं.in अंको का संबंधित व्यक्ति के स्वभाव और जीवन पर असर होता है. किसी भी व्यक्ति के जन्म दिन के आधार पर उस व्यक्ति का स्वभाव, गुण, दोष आदि बातें बतायी जा सकती हैं. इतनाही नहीं, वह व्यक्ति किस प्रकार का जीवन व्यतित करेगा और आनेवाले काल में उसके जीवन में कौन से परिवर्तन आ सकते है, कौन सी घटनाये घट सकती है इसकी भविष्यवाणी भी की जा सकती है. इसके लिये 1 से 9 तक के अंकों का प्रयोग किया जाता है.

अंकशास्त्र में किसी भी व्यक्ति के अंक जन्मांक, भाग्यांक और नामांक इन तीन प्रकारो में निश्चित किये जाते हैं. उन अंकों के आधार पर उस व्यक्ति का विश्लेषण किया जाता है.  

मुलांक या जन्मांक
जन्मांक अंग्रेजी में Birth Number या Basic Number  इस नाम से जाना जाता है. किसी भी व्यक्ति का जन्म जिस तारीख को होता है उसी तारीख को उस व्यक्ति का जन्मांक माना जाता है, अगर वह तारीख 1 से 9 तक हो. अगर वह तारीख 10 से 31 तक की हो, तो उस तारीख में जो 2 अंक हैं, उन्हे जोडकर उसे एक अंक में घटाया जाता है, और यह अंक ही उस व्यक्ति का जन्मांक होता है. जैसे, अगर आपका जन्म 7 तारीख पर हुआ है तो आपका जन्मांक 7 है, और अगर यह 10 तारीख पर हुआ है तो आपका जन्मांक 1+0=1 है. इसी प्रकार आपका जन्म अगर 15 तारीख पर हुआ है तो आपका जन्मांक 1+5=6  है.

जन्मांक का आधार केवल दिन या तारीख होता है, उस व्यक्ति का जन्म कौन से महिने या साल में हुआ इस बात का जन्मांक से कोई संबंध नही होता.

भाग्यांक
भाग्यांक अंग्रेजी में Life Path Number, Fortune Number, Destiny Number जैसे कई नामों से जाना जाता है. किसी व्यक्ति के संपूर्ण जन्मतारीख (दिन, महिना और साल)  में जितने भी अंक हैं उन्हे जोडने पर जो अंक प्राप्त होता है, उसे भाग्यांक कहां जाता है. जैसे, मान लीजिये कि किसी व्यक्ति का जन्म  15 जनवरी 1985 के दिन हुआ है. इसे हम 15.1.1985 ऐसे लिखते है. अब इनin सब अंको को जोडने पर कुल जोड 30 होता है. (1+5+1+1+9+8+5=30). चूं कि इस जोड में दो अंक है, हमें इसे फिरसे जोडना पडेगा. यह जोड 3 आता है. (30=3+0=3).  इसलिये 15.1.1985 के दिन  जन्मे हुए उस व्यक्ति का भाग्यांक 3 है.

नामांक
अंकशास्त्र के अनुसार हर व्यक्ति पर उसके नाम का भी असर होता है. इस असर को जानने के लिये संबंधित व्यक्ति के नाम को अंक में परिवर्तीत किया जाता है. इस अंक को नामांक कहां जाता है. इसे अंग्रेजी में Name Number  से जाना जाता है.  नामांक प्राप्त करने के कई तरीके है, उन में से सब से आसान तरीका किसी भी नाम के अंग्रेजी स्पेलिंग पर आधारीत है. किसी नाम में जितने भी अक्षर है, ऊन सबको उनके अंग्रेजी वर्णमाला में स्थान के अनुसार नंबर दिये जाते है और ऊन सब अंकों को  जोडकर नामांक पाया जाता है.

उदाहरण के लिये अजय यह नाम लीजिये. इसे हम अंग्रेजी में AJAY इस प्रकार लिखते है.  इसे अब अंको में परिवर्तीत करते है:

अंग्रेजी वर्णमाला में A पहिले स्थान पर, J दसवे स्थान पर और Y 25वे स्थान पर है.

A=1
J=10=1+0=1
A=1
Y=25=2+5=7
1+1+1+7=10
10=1+0=1

इस प्रकार अजय का नामांक 1 आता है.

जन्मांक, भाग्यांक और नामांक अगर एक दुसरे के अनुकूल होते है तो यह बात उस व्यक्ति के लिये लाभदायक होती है. यह तीनो अंक अगर समान गुण या दोशोन वाले हो तो उस व्यक्ति में वह गुण या दोष प्रखरता से दिखाई देते है. इसके उलटे यह तीनो अंक विपरीत प्रकार के हो तो उस व्यक्ति में उन तीनो अंको के गुण और दोष पाये जाते है.